तलाशअन्धेरियों में थक कर तरस कर नैंना उनकी
करती हैं रौशनी की तलाश,
यु तो लबो पर सजती हैं झूठी मुस्कुराहट उनके,
पर दिल में पन्पती हैं गुमशुदा
मोहब्बत की प्यास,
चीखती खामोशियों में बस्ती हैं वो यु,
के महसूस हैं उन्हें अकेली तन्हाई का एहसास,
अन्धेरियों में थक कर तरस कर नैना उनकी
करती हैं बस रोशनी की तलाश,
यु तो लबो पर सजती हैं झूटी मुस्कुराहट उनके
पर दिल में पनपती हैं गुमशुदा
मोहब्बत की प्यास.....
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